वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक और संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा और भक्तों से निजी मुलाकात को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले के बाद उनके भक्तों और अनुयायियों के बीच चिंता और भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।सामने आए एक वीडियो संदेश में प्रेमानंद महाराज ने अपने अनुयायियों से चिंता न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे मुलाकात हो या न हो, बातचीत हो या न हो, उनका प्रेम और आशीर्वाद हमेशा भक्तों के साथ रहेगा। उन्होंने कहा कि संबंध केवल शारीरिक उपस्थिति से नहीं, बल्कि प्रेम, श्रद्धा और आध्यात्मिक जुड़ाव से बनते हैं।
महाराज के “मैं रहूं या ना रहूं” वाले शब्दों ने भक्तों को भावुक कर दिया। हालांकि पदयात्रा रोकने के पीछे क्या कारण हैं, इसे लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उनके अनुयायी उनके स्वास्थ्य और भविष्य के कार्यक्रमों को लेकर लगातार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।


