फिलीपींस में सोमवार सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। भूकंप में अब तक तीन लोगों की मौत और पांच लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि 37 इमारतों को नुकसान पहुंचा है। भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया और जापान के तटीय इलाकों में सुनामी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में फिलीपींस के सेबू प्रांत में आए 6.9 तीव्रता के भूकंप में 69 लोगों की मौत और करीब 150 लोग घायल हुए थे।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5:07 बजे आया। इसका केंद्र मिंडानाओ द्वीप के निकट जमीन के भीतर स्थित था। भूकंप के तेज झटकों के बाद लोग अपने घरों और कार्यालयों से निकलकर सड़कों पर आ गए। पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने चेतावनी दी है कि फिलीपींस के कुछ तटीय क्षेत्रों में तीन मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। वहीं इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ तटीय इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरों का खतरा जताया गया है। जापान ने भी अपने दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की है। फिलीपींस के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान के मुताबिक स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे तक कुल 138 आफ्टरशॉक दर्ज किए गए। इन झटकों की तीव्रता 1.3 से 6.7 के बीच रही। विशेषज्ञों का कहना है कि आफ्टरशॉक कई दिनों या हफ्तों तक जारी रह सकते हैं और पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों को और नुकसान पहुंचा सकते हैं। जनरल सैंटोस सिटी और आसपास के इलाकों में कई इमारतों में दरारें पड़ गई हैं। कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत कार्य तेज करने के लिए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र में स्थित हैं, जो दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। इसी कारण यहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां देखने को मिलती हैं। वर्तमान भूकंप ने एक बार फिर इस क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।


