NEET-UG पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक बड़े कोचिंग संस्थान के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को बेहतर रैंक दिलाने के लिए पेपर लीक की साजिश में भूमिका निभाई। बताया जाता है कि 29 अप्रैल को, NEET परीक्षा से चार दिन पहले, मोटेगांवकर ने अपनी कोचिंग में छात्रों से कहा था कि उन्हें सपने में भगवान विट्ठल ने एक सवाल बताया है, जो परीक्षा में जरूर आएगा। उन्होंने छात्रों को वह सवाल लिखवाया और याद रखने को कहा। 3 मई को हुई परीक्षा में वही सवाल आने के बाद चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।
पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 8 मई को मामले की जांच CBI को सौंप दी गई। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें मोटेगांवकर भी शामिल हैं। उन पर केमिस्ट्री का पेपर लीक करने का आरोप है। हालांकि, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी NTA अब भी पेपर लीक से इनकार कर रही है। लातूर में संचालित मोटेगांवकर का RCC (रेणुकाई करियर सेंटर) NEET, JEE और MHT-CET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराता है। इसके महाराष्ट्र के कई शहरों में सेंटर हैं। स्थानीय लोगों और कुछ पूर्व शिक्षकों का दावा है कि मोटेगांवकर अपने बेटे को टॉपर बनाना चाहते थे, जो इस बार NEET परीक्षा में शामिल हुआ था।
कोचिंग के छात्रों के अनुसार, मोटेगांवकर का बेटा स्पेशल बैच में पढ़ता था और परीक्षा के बाद उसके लगभग 704 अंक आने का अनुमान लगाया गया था। वहीं, पूर्व शिक्षकों का कहना है कि मोटेगांवकर भविष्य में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना बना रहे थे और अपने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे। गौरतलब है कि 2024 में भी NEET-UG परीक्षा को लेकर पेपर लीक के आरोप लगे थे। उस मामले में बिहार का पटना कथित तौर पर मुख्य केंद्र बताया गया था। अब एक बार फिर परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल, पूरे मामले की सच्चाई CBI जांच के बाद ही सामने आएगी।


