जिला एवं सत्र न्यायालय वाराणसी के विस्तारीकरण की मांग को लेकर अधिवक्ताओं का आक्रोश शनिवार को सड़कों पर दिखाई दिया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर अधिवक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया और हस्ताक्षर अभियान चलाकर न्यायालय के विस्तार की मांग को बुलंद किया।धरना-प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि न्यायालय का विस्तारीकरण केवल अधिवक्ताओं की नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उनका कहना था कि बढ़ते मुकदमों और न्यायिक कार्यों के दबाव को देखते हुए न्यायालय परिसर का विस्तार समय की आवश्यकता बन गया है। इससे न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुचारू, प्रभावी और सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के विस्तारीकरण की मांग पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने शासन और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लेकर न्यायालय विस्तार के समर्थन में अपनी सहमति दर्ज कराई। अधिवक्ताओं का कहना था कि अभियान के जरिए उनकी मांग को सरकार और प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा।
प्रदर्शन में बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला, महामंत्री सुधांशु मिश्रा, पूर्व महामंत्री अनिल कुमार पाठक, पूर्व कोषाध्यक्ष सुनील दत्त मिश्र, राघवेंद्र नाथ सिंह, शुभम प्रकाश सिंह, अखिलेश यादव, रजनीकांत मिश्रा, सुमित उपाध्याय, प्रियंक पारीक, अमरदीप सिंह, विशाल दुबे, अभिषेक दुबे, राहुल उपाध्याय, पंकज पांडे समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए न्यायालय के विस्तारीकरण की मांग को लेकर अपना समर्थन दर्ज कराया और जल्द से जल्द इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।


