नगर निगम के प्रवर्तन दल ने पुलिस बल के साथ गोदौलिया चौराहे से दशाश्वमेध घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट तक व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए तथा कई दुकानदारों का सामान भी जब्त किया गया।
नगर निगम के प्रवर्तन निरीक्षक देव दीपक द्विवेदी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों और श्रद्धालुओं के लिए आवागमन को सुगम बनाना तथा काशी को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है, इसलिए नियमित रूप से ऐसी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही दुकानदारों को भविष्य में अतिक्रमण न करने की चेतावनी भी दी गई।
अभियान के दौरान कुछ रेहड़ी-पटरी और वेंडरों ने कार्रवाई का विरोध किया। वेंडर प्रतिनिधि धर्मराज गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम छोटे और गरीब वेंडरों का सामान जब्त कर रहा है, जबकि उनके पुनर्वास की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पंजीकृत वेंडरों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हुआ।
धर्मराज गुप्ता ने मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ पंजीकृत वेंडरों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि गरीब दुकानदारों का रोजगार प्रभावित न हो।नगर निगम ने इस कार्रवाई को शहर को अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए चलाए जा रहे नियमित अभियान का हिस्सा बताया।
अभियान के दौरान प्रवर्तन निरीक्षक देव दीपक द्विवेदी, अनिल कुमार, विक्की प्रजापति, दशाश्वमेध चौकी प्रभारी अनुज मणि तिवारी, निरीक्षक रवि सिंह सहित नगर निगम और पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।



