देशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर मानसून की रफ्तार थम गई है, तो दूसरी ओर कई राज्यों में आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने आज 22 राज्यों में तेज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। मानसून पिछले सात दिनों से तमिलनाडु के चेन्नई, महाराष्ट्र के हरनाई और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में रुका हुआ है। चार जून को केरल पहुंचने के बाद छह जून तक यह केवल पांच राज्यों में ही पहुंच सका था। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के शेष हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। गुजरात को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर देखने को मिल रहा है।
दिल्ली में खराब मौसम के कारण दो उड़ानों को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा। वहीं राजस्थान के कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी बारिश दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान का व्यापक असर देखने को मिला। तेज हवाओं से एक पेट्रोल पंप की छत उड़ गई, जबकि चित्रकूट में साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बने ऑडिटोरियम की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। इटावा, सीतापुर और फिरोजाबाद में अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। पंजाब के मानसा में भी तेज आंधी के दौरान लोहे का गेट गिरने से नौ वर्षीय बच्चे की जान चली गई।
उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून बारिश का सिलसिला जारी है। प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर, गोंडा, देवरिया, बलिया, संभल और बिजनौर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए आंधी, तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। फिलहाल मौसम विभाग लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।


