एनिमल एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत कानपुर चिड़ियाघर का दरियाई घोड़ा 'सतीश' जल्द ही इंदौर चिड़ियाघर भेजा जाएगा। करीब 700 किलोमीटर लंबे इस सफर के दौरान उसकी सुरक्षा और सेहत का विशेष ध्यान रखा जाएगा। हिप्पो के शरीर को नम बनाए रखने के लिए पूरे रास्ते उस पर लगातार पानी की फुहार डाली जाएगी, जिसके लिए लगभग 20 हजार लीटर पानी की व्यवस्था की गई है।
इंदौर चिड़ियाघर प्रशासन ने हिप्पो के परिवहन के लिए विशेष पिंजड़ा तैयार कराया है। इसे उसकी लंबाई और वजन के अनुसार डिजाइन किया गया है, ताकि वह यात्रा के दौरान आसानी से बैठ और उठ सके। ट्रक में बड़े पानी के टैंक लगाए जाएंगे और स्प्रे सिस्टम के जरिए लगातार उसके शरीर पर पानी डाला जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बाल्टियों से भी पानी डाला जाएगा।
चिड़ियाघर अधिकारियों के अनुसार, दरियाई घोड़ा अधिकांश समय पानी में रहने वाला जीव है। ऐसे में उसके शरीर में नमी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से उसके स्थानांतरण के लिए मानसून का समय चुना गया है। सेंट्रल जू अथॉरिटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, वाहन की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक नहीं रखी जाएगी, ताकि यात्रा सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।
इस एनिमल एक्सचेंज के तहत कानपुर चिड़ियाघर को इंदौर से तीन वर्षीय एशियाई शेरनी 'वीरा' मिलेगी, जबकि इंदौर चिड़ियाघर को हिप्पो 'सतीश' सौंपा जाएगा। दोनों चिड़ियाघरों ने इस प्रक्रिया की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।



