जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सत्र में भारत की ओर से प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए उसके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्पष्ट कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस मुद्दे पर पाकिस्तान लगातार भ्रामक प्रचार कर रहा है।अपने संबोधन में अनुपमा सिंह ने कहा कि पाकिस्तान झूठे एजेंडे के तहत वैश्विक मंचों का दुरुपयोग करता रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है और जम्मू-कश्मीर में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान के मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद को समर्थन देने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपने देश की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।इस बयान के बाद अनुपमा सिंह सुर्खियों में आ गई हैं। उनका यह जवाब भारत के सख्त कूटनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है और सोशल मीडिया पर भी उनके बयान की व्यापक चर्चा हो रही है।


