भीषण गर्मी और उमस ने मंगलवार को वाराणसीवासियों की परेशानी बढ़ा दी। सुबह से तेज धूप निकलने के कारण तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे वाराणसी उत्तर प्रदेश का आठवां सबसे गर्म शहर बन गया। शहर में 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है, जबकि हवा में 37 प्रतिशत नमी होने के कारण लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने 12 से 14 जून के बीच जिले में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञ प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार यह प्री-मानसून वर्षा होगी, जिससे कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि 14 जून के बाद अगले दो से तीन दिनों तक गर्मी एक बार फिर अपना प्रचंड रूप दिखा सकती है।
भीषण गर्मी को देखते हुए काशी विश्वनाथ धाम प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि धाम में वाटर कूलर, जमीन पर गीली जूट की मैट तथा छाया के लिए जर्मन हैंगर की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को धूप और लू से बचाया जा सके।उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही अस्थायी व्यवस्थाओं के अलावा स्थायी समाधान विकसित कर उन्हें लागू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। धाम परिसर में एक अस्थायी अस्पताल भी स्थापित किया गया है, जहां श्रद्धालुओं को आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
केरल में मानसून के प्रवेश के बाद अब काशी के मौसम में भी बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 25 जून तक जिले में मानसून पहुंच सकता है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने अभी उत्तर प्रदेश में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की दिशा और बढ़ती नमी को देखते हुए अगले तीन से चार दिनों में मानसून आगमन की संभावित तिथि जारी की जा सकती है।


