केरल सरकार ने राज्य में फैलते ड्रग्स नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए 'ऑपरेशन तूफान: द नार्को हंट' शुरू किया है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस को कॉलेज परिसरों और छात्रावासों में छापेमारी के लिए विशेष अधिकार दिए गए हैं, जिससे नशे के कारोबार पर तेजी से कार्रवाई की जा सके। सरकार का कहना है कि ड्रग तस्कर युवाओं और छात्रों को अपना मुख्य निशाना बना रहे हैं। इसी वजह से स्कूल, कॉलेज और हॉस्टल इस अभियान के केंद्र में रखे गए हैं। पहले ऐसी कार्रवाई के लिए प्रशासनिक मंजूरी में काफी समय लगता था, लेकिन अब पुलिस तुरंत छापेमारी कर सकेगी। दरअसल, साल की शुरुआत में मलयालम फिल्मों के अभिनेता शाइन टॉम चाको के ड्रग केस में गिरफ्तारी के बाद काफी बवाल हुआ था।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत 36,314 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2024 में यह संख्या 27,530 थी। यानी एक वर्ष में ड्रग्स से जुड़े मामलों में लगभग 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।जांच एजेंसियों के अनुसार, बेंगलुरु ड्रग तस्करी के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट हब के रूप में उभरा है, जबकि चेन्नई भी एजेंसियों के रडार पर है। सोशल मीडिया के जरिए फैल रहे ड्रग नेटवर्क पर नजर रखने के लिए विशेष साइबर पेट्रोल यूनिट भी गठित की गई हैं, 2025 में राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत 36,314 मामले दर्ज हुए, जबकि 2024 में 27,530 मामले दर्ज हुए थे। यानी एक साल में मामलों में करीब 32% बढ़ोतरी दर्ज की गई।
2023 में भी केरलम देश में सबसे अधिक एनडीपीएस मामलों वाला राज्य रहा था। जांच में भी बेंगलुरु बड़ा ट्रांजिट हब बनकर सामने आया है। चेन्नई भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। सोशल मीडिया पर इनके पहुंच को देखते हुए विशेष साइबर पेट्रोल यूनिट भी बनाई गई हैं, जो सोशल मीडिया आधारित ड्रग नेटवर्क की निगरानी करेंगी।


