मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सोमवार को कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 719 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,524 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी भी 244 अंक यानी 1.04 प्रतिशत फिसलकर 23,123 के स्तर पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार के दौरान निवेशकों में सतर्कता का माहौल बना रहा। आईटी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ा। बाजार में गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव माना जा रहा है।
अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद पहली बार ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमला किया। इसके जवाब में इजराइल ने सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। तेहरान, तबरीज और इस्फहान समेत कई क्षेत्रों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ते भू-राजनीतिक संकट से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। निवेशक फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 5 जून को भी शेयर बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 116 अंक गिरकर 74,243 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 50 अंक की गिरावट के साथ 23,366 के स्तर पर पहुंच गया था। उस दिन भी मेटल और आईटी शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली दर्ज की गई थी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट की स्थिति पर निवेशकों की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम के अनुसार बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।


