प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले मोदी ने 10 जून को अपने कार्यकाल के 4399 दिन पूरे कर लिए। इसके साथ ही उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। मोदी का यह लगातार तीसरा प्रधानमंत्री कार्यकाल है। इससे पहले सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जो 1952 में हुए पहले आम चुनाव के बाद 4398 दिनों तक इस पद पर रहे थे।
इस उपलब्धि पर बुधवार दोपहर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का विशेष स्वागत किया गया। बैठक में मौजूद मंत्रियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और उनके सम्मान में एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया।हालांकि, इस रिकॉर्ड को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। कांग्रेस ने इसे "खुद से घोषित और संदिग्ध तरीके से गढ़ी गई उपलब्धि" बताते हुए मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है। दरअसल, स्वतंत्रता के बाद 15 अगस्त 1947 को जवाहरलाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री नियुक्त हुए थे। वे 13 मई 1952 तक कुल 1732 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे।
इसके बाद पहले आम चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद उन्हें संसदीय दल का नेता चुना गया और वे 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बने रहे। यह कार्यकाल 4398 दिनों का था। उधर, मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को भारत मंडपम में एनडीए की अहम बैठक आयोजित होगी। बैठक में भाजपा और एनडीए शासित 22 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि पर बधाई प्रस्ताव पारित किए जाने के साथ-साथ 'विकसित भारत-2047' के रोडमैप, विकास परियोजनाओं, केंद्र-राज्य समन्वय तथा 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।


