चुर्क/सोनभद्र। क्षेत्र की उच्च शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत स्वामी हरसेवानंद महाविद्यालय को मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से विभिन्न स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के संचालन की मान्यता प्राप्त हो गई है। विश्वविद्यालय की स्वीकृति के बाद महाविद्यालय में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के कई विषयों में पीजी कक्षाएं संचालित की जाएंगी।प्राप्त मान्यता के अनुसार कला संकाय में शिक्षा शास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, समाजशास्त्र तथा गृह विज्ञान, विज्ञान संकाय में गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान एवं जंतु विज्ञान तथा वाणिज्य संकाय में एम.कॉम. पाठ्यक्रम संचालित होंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2016 से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध स्वामी हरसेवानंद महाविद्यालय में स्नातक स्तर की शिक्षा संचालित हो रही थी। अब मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से पीजी पाठ्यक्रमों की मान्यता मिलने के बाद संस्थान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।महाविद्यालय के प्रबंधक बाबा प्रकाशध्यानानंद ने कहा कि संस्थान भारतीय संस्कृति और संस्कारों के साथ गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह मान्यता संस्थान के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और सोनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।उन्होंने बताया कि इस पहल से क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और व्यक्तित्व विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे। महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और आधुनिक ज्ञान से समृद्ध बनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाना है।इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और संस्थान प्रबंधन को बधाई दी है।


