प्रणाम वन्दे मातरम् समिति के तत्वावधान में भारत के राष्ट्रीय गीत 'वन्दे मातरम्' के रचयिता एवं महान उपन्यासकार स्वर्गीय बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की 188वीं जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से 'वन्दे मातरम्' गीत का गायन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अनुप जायसवाल ने की। संचालन धीरेंद्र शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन चन्द्र विजय सिंह ने किया। मुख्य अतिथि पूर्व पार्षद गिरीश श्रीवास्तव रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने अपने साहित्य और राष्ट्रभक्ति की भावना से देशवासियों में स्वतंत्रता का अलख जगाया। उनका लिखा 'वन्दे मातरम्' गीत आज भी देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। उन्होंने भारतीय साहित्य को नई दिशा देने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम में शंकर जायसवाल, आदित्य गोयनका, नवीन कसेरा, गोपाल मंगलेश जायसवाल, गोपाल जी, अधिवक्ता सुनील कन्नौजिया, प्रदीप जायसवाल, अखिल वर्मा, राहुल जायसवाल, प्री कुमार माणिक सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं भारत माता के जयघोष के साथ हुआ।



