नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के बाहर किसानों ने मांगों को लेकर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। आरोप यह है कि 5 प्रतिशत विकसित भूखंड आवंटन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी हो रही है, जिससे किसानों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। वे पांच प्रतिशत विकसित भूखंड आवंटन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का आरोप लगा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्राधिकरण के चक्कर काट रहे, लेकिन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नोएडा प्राधिकरण की महाप्रबंधक मीना भार्गव के खिलाफ भी नाराजगी जताई और उन पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती और भूखंड आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्राधिकरण कार्यालय के बाहर किसानों के जुटने से हलचल और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। फिलहाल, प्राधिकरण की ओर से किसानों के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


