उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 सिपाही नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। तीन दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी, जिसमें करीब 28 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेशभर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उप्र पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। अब तक 16 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड किए हैं। भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने बताया कि परीक्षा के सकुशल आयोजन के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। सभी नोडल अधिकारियों द्वारा परीक्षा केंद्रों तक सही प्रश्न पत्र भेजने की जिम्मेदारी दी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए राज्य परिवहन निगम की बसों में यात्रा किराए पर 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुविधाजनक भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों में आवागमन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सोमवार को परीक्षा के पहले दिन कड़ी चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश करने दिया जाएगा। वहीं स्थानीय पुलिस और एसटीएफ संदिग्धों पर नजर रखने के साथ धरपकड़ करेगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को आधार सत्यापन, ई-केवाईसी और आइरिस स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 1183 केंद्र बनाए गए हैं तथा प्रत्येक पाली में लगभग 4.90 लाख अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत स्थानीय पुलिस और एसटीएफ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। चारबाग और लखनऊ जंक्शन सहित प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर हेल्प डेस्क, अतिरिक्त टिकट काउंटर और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। वहीं परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों का संचालन शुरू किया है तथा प्रमुख बस स्टेशनों पर परीक्षा सहायता डेस्क स्थापित किए गए हैं। परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को पर्याप्त बसें, चालक और परिचालक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बसों की निगरानी जीपीएस प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, और यात्रियों के लिए पेयजल, साफ-सफाई और अन्य सुविधाएं चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी और सरकार का कहना है कि सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुगम और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर उपलब्ध कराना है।

