अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की महिलाओं ने दुर्गाकुंड स्थित घसियारी टोला में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के निकट शिक्षा व्यवस्था में कथित धांधली और लगातार हो रहे पेपर लीक के विरोध में एक दिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर पर्यावरणविदों और छात्र-छात्राओं द्वारा चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन के प्रति समर्थन भी जताया।
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने आरोप लगाया कि लेखपाल, यूपीएसआई, टीजीटी, पीजीटी और नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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रोजा मैथ्यू ने कहा कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा संचालन में जवाबदेही तय की जाए, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग किया जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
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ऐपवा की जिलाध्यक्ष सुतपा ने कहा कि जंतर-मंतर पर कई दिनों से छात्र और पर्यावरणविद भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज नहीं सुन रही है। कार्यक्रम के समापन पर कृपा वर्मा ने उपवास पर बैठी महिलाओं को जूस पिलाकर भूख हड़ताल समाप्त कराई। इस दौरान बेबी, धनशीला, सोनी, सोना, विभा, सीमा, अनीता, पूजा, स्मिता, गायत्री, मुन्नी सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
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