आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में सामने आए चर्चित हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पति सुरेंद्र कुमार शर्मा की हत्या कर उसके शव को घर के बाथरूम में दफनाने की आरोपी पत्नी रूबी शर्मा से विशेषज्ञों की मौजूदगी में लंबी पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे अवैध संबंधों का कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके बजाय घरेलू हिंसा, शराब की लत, आर्थिक शोषण और भरतपुर में हुई कथित बेइज्जती जैसे कारण सामने आए हैं।पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र कुमार शर्मा लंबे समय से शराब का आदी था और आए दिन पत्नी के साथ मारपीट करता था।
वह रूबी द्वारा सिलाई करके कमाए गए पैसे भी छीन लेता था। इतना ही नहीं, वह अपनी बेटियों के साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता था। परिवार के लोगों से भी उसके संबंध अच्छे नहीं थे। इन घटनाओं के कारण रूबी लंबे समय से मानसिक तनाव में थी।जांच में सामने आया कि 16 मई को सुरेंद्र भरतपुर स्थित अपने मामा के घर गया था, जहां विवाद के बाद उसके साथ मारपीट हुई। अगले दिन वह रूबी को भी भरतपुर ले गया और उस पर दबाव बनाया कि वह उसके गायब होने का नाटक करे। जब ऐसा नहीं हुआ तो उसने कथित तौर पर वहीं पत्नी के साथ मारपीट की और घर लौटकर भी हंगामा किया। पुलिस का मानना है कि इसी घटना ने रूबी के गुस्से को अंतिम रूप से भड़का दिया।
![]() |
| Advertisement |
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसे लगने लगा था कि पति के रहते उसकी और उसकी बेटियों की जिंदगी कभी नहीं सुधरेगी। इसके बाद उसने खीर में नींद की गोलियां मिलाकर पति को खिलाया। पति के बेहोश होने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। अगले दिन उसने सास और दोनों बेटियों को जेठ के घर भेज दिया और अकेले ही शव को बाथरूम में दफनाकर ऊपर से मिट्टी डाल दी। 19 मई को दो मिस्त्रियों को बुलाकर बाथरूम का फर्श सीमेंट से बंद भी करवा दिया।सुरेंद्र के लापता होने के बाद 26 मई को रूबी ने अपने जेठ के साथ जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला तब खुला जब पुलिस की जांच में शक गहराया और 3 जुलाई को बाथरूम की खुदाई कराई गई। खुदाई में सुरेंद्र का कंकाल बरामद हुआ, जिसके बाद रूबी को गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
![]() |
| Advertisement |
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, अभी तक की जांच में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि पुलिस इस बात की पुष्टि करने के लिए कि क्या रूबी अकेले इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकती थी, घटनास्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) करेगी। इसमें सुरेंद्र की लंबाई और वजन के बराबर डमी का इस्तेमाल कर यह देखा जाएगा कि शव को कमरे से बाथरूम तक ले जाने, दफनाने, मिट्टी भरने और फर्श समतल करने में कितना समय लगा होगा।पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट, वैज्ञानिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही तय होंगे।
![]() |
| Advertisement |



