वाराणसी की दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत पांच मस्जिदों के चिह्नित हिस्सों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। यह कार्रवाई सुबह करीब 7:30 बजे शुरू होकर शाम करीब 6:30 बजे तक चली। अंधेरा होने के कारण काम रोक दिया गया, जिसे अब अगले चरण में फिर से शुरू किया जाएगा।
परियोजना की जद में कुल छह मस्जिदें आई हैं। इनमें से पांच मस्जिदों के प्रबंधन ने पहले ही ध्वस्तीकरण के लिए सहमति दे दी थी, जबकि एक मस्जिद को लेकर सहमति नहीं बन सकी। सहमति वाली पांच मस्जिदों के चिह्नित हिस्सों को हटाया गया। इस दौरान औरंगजेब काल की रंगीले शाह मस्जिद के हिस्से पर भी हथौड़े चले और उसकी करीब 20 फीट ऊंची दो मीनारें गिरा दी गईं। लगभग 200 मजदूर पूरे दिन ध्वस्तीकरण कार्य में जुटे रहे।
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कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। दालमंडी जाने वाले रास्तों को टीन शेड लगाकर बंद कर दिया गया और मौके पर पीएसी की सात कंपनियों, सीआरपीएफ की एक बटालियन, आरआरएफ की एक बटालियन तथा स्थानीय पुलिस समेत कुल 1,860 सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। इस दौरान पुलिस-प्रशासन ने मीडिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर भी रोक लगा दी।
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दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत कुल 181 मकानों और छह मस्जिदों को हटाया जाना है। प्रशासन के अनुसार अब तक 162 मकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिनमें से 80 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त किया जा चुका है। इस चरण की कार्रवाई में पांच मस्जिदों का करीब 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा हटाया गया।
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