उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सात वर्षीय बालक के अपहरण, दुष्कर्म और नृशंस हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष पॉक्सो न्यायाधीश अरविंद कुमार गौतम की अदालत ने महज 14 कार्यदिवस की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी मुकेश निषाद पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह सनसनीखेज वारदात 12 मई 2026 की है। कैसरगंज थाना क्षेत्र के मंझारा तौकली के मजरे दयालपुरवा निवासी सात वर्षीय बालक गांव में आई बारात में वीडियो फिल्म देख रहा था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
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अगले दिन, 13 मई को गांव से कुछ दूरी पर बच्चे का शव क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही मुकेश निषाद (21), पुत्र सुमिरन निषाद, के खिलाफ हत्या और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोपी के खिलाफ मजबूत पक्ष रखा। विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता पाक प्रताप सिंह ने बताया कि अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। महज 14 कार्यदिवस में फैसला आने को न्यायिक प्रक्रिया की तेज कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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