सावन के पवित्र महीने में ज्ञानवापी परिसर में नमाज पढ़े जाने पर रोक लगाने की मांग को लेकर शिवसेना ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस की। राज्य उप प्रमुख एवं मंडल प्रभारी वाराणसी अजय चौबे ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में श्री आदिविश्वेश्वरनाथ महादेव स्थापित हैं, ऐसे में सावन के पूरे महीने यहां नमाज पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
अजय चौबे ने कहा कि एक ओर सनातनी हिंदुओं को माता श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन, आरती, पूजन और भोग से प्रतिबंधित किया गया है और वर्ष में केवल नवरात्र की चतुर्थी पर दर्शन की अनुमति मिलती है। वहीं, सावन के प्रथम सोमवार को यादव बंधुओं द्वारा वर्षों से चली आ रही बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह में जलाभिषेक की परंपरा पर भी रोक लगाए जाने की बात कही।
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उन्होंने कहा कि यदि प्राचीन हिंदू परंपराओं पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है तो ज्ञानवापी परिसर में नमाज पढ़ने पर भी रोक लगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शिवभक्त कांवड़ लेकर बाबा के दर्शन के लिए कतार में खड़े होते हैं, उसी दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग ज्ञानवापी परिसर में नमाज के लिए जाते हैं और इससे शिवभक्तों की भावनाएं आहत होती हैं।
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शिवसेना ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पूरे उत्तर प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। अजय चौबे ने बताया कि आगामी 24 जुलाई को शिवसैनिक महावीर मंदिर व्यायामशाला से जुलूस निकालकर मंडलायुक्त को पत्रक सौंपेंगे।प्रेस वार्ता में जिला प्रमुख अजय सिंह, महानगर प्रमुख सतीश शर्मा, राजेश भारती, सोनू सेठ समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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