साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान ऑपरेशन ‘Cy-Vazra’ के तहत सिगरा पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह की महिला सदस्य समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बैंक किट (चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड) उपलब्ध कराने में मदद करने वाला एक पोस्टमैन भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों की चार चेकबुक, तीन सीलबंद चेकबुक, तीन सीलबंद डेबिट कार्ड, 11 पासबुक, छह मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और तीन कूटरचित आधार कार्ड बरामद हुए हैं। आरोपियों के पास से बरामद बैंक खातों से जुड़े मामलों में देशभर में साइबर अपराध की 21 शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में कुल 76,44,476.97 रुपये की साइबर धोखाधड़ी की राशि सामने आई है।
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पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य लोगों को कुछ रुपये देने का लालच देकर उनके आधार कार्ड में दर्ज स्थायी पते को कूटरचित तरीके से बदलकर उन्हें सिगरा क्षेत्र का निवासी दिखाते थे। इसके बाद फर्जी पते वाले आधार कार्ड के आधार पर बैंक में खाते खुलवाए जाते थे। बैंक से चेकबुक, एटीएम और अन्य बैंक किट फर्जी पते पर पहुंचने से पहले ही पोस्टमैन से संपर्क कर उन्हें हासिल कर लिया जाता था। इसके बाद बैंक खाते से जुड़े मोबाइल सिम समेत बैंक किट कोरियर के माध्यम से साइबर अपराधियों तक पहुंचाई जाती थी।
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पुलिस ने 26 जुलाई को महमूरगंज के पास से अनिल कुमार, एक महिला आरोपी, एक अन्य महिला आरोपी, उमंग कुमार, जितेंद्र कुमार कन्नौजिया और शोभनाथ को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले में सिगरा थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद बैंक खातों से बिहार, असम, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु और मणिपुर समेत कई राज्यों में साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतें मिली हैं। गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र कुमार कन्नौजिया के खिलाफ जौनपुर के लाइन बाजार थाने में भी साइबर अपराध से संबंधित मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

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