नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा राजनीतिक विवाद देखने को मिला। बहस के बीच आपातकाल का मुद्दा उठने पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आमने-सामने आ गए, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया।
चर्चा के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को छात्रों के हित में विधेयक का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप भी लगाया।
![]() |
| Advertisement |
वहीं, अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल कानून बनाने के बजाय परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
![]() |
| Advertisement |
सरकार का कहना है कि यह संशोधन विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। दूसरी ओर, विपक्ष का तर्क है कि केवल सख्त कानून पर्याप्त नहीं है, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जिम्मेदारी तय करना भी उतना ही जरूरी है।
![]() |
| Advertisement |



