वाराणसी। CJP के विरोध और पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में लगातार चौथे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही। सिंहद्वार समेत पूरे परिसर में पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीमें तैनात रहीं, जबकि संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई। प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी गई।
एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर या उसके आसपास किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। यदि कोई व्यक्ति या संगठन बिना अनुमति प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सतर्क है।
![]() |
| Advertisement |
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीमें प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर गश्त कर रही हैं। वहीं, स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) पुलिस के साथ मिलकर काशी विश्वनाथ मंदिर, मधुबन पार्क और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी रख रही है। परिसर में प्रवेश करने वाले सभी लोगों की सघन जांच की जा रही है।
![]() |
| Advertisement |
इधर, पेपर लीक मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और CJP के बीच दूसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। देर रात करीब 12:30 बजे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।इस बीच विश्वविद्यालय परिसर के बाहर और भीतर छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपनी नाराजगी भी जताई।
![]() |
| Advertisement |



