गाजीपुर। चर्चित विनीत राय हत्याकांड में पूर्व में मिली शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने के मामले में वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रारंभिक जांच में लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता पाए जाने पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दीनदयाल पाण्डेय और हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रशंकर मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई विनीत राय के पिता आलोक राय द्वारा 15 जुलाई 2026 को डीआईजी वैभव कृष्ण को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2023 से "कटरा गैंग" की गतिविधियों और लगातार मिल रही धमकियों के संबंध में थाना कोतवाली गाजीपुर को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन पुलिस ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही के चलते युवा व्यवसायी विनीत राय की निर्मम हत्या हो गई।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को जांच कराने के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक नगर द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि 8 दिसंबर 2023 से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी और दोनों की ओर से कई शिकायतें दी गई थीं। उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों में दोनों पक्षों की भूमिका सामने आने के बावजूद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक ने केवल विपक्षी पक्ष की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर शिकायतकर्ता पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की।
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जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी शंकर पाण्डेय के खिलाफ वर्ष 2021 से गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज था और वह जिला स्तर पर पंजीकृत गैंग (डी-63) का सदस्य भी था। इसके बावजूद उसके खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और मामले को केवल धारा 107/116 सीआरपीसी की कार्रवाई तक सीमित रखा गया। इसके अलावा 14 दिसंबर 2023 की घटना के बाद भी मौके पर पहुंचने के बावजूद तत्कालीन कोतवाल ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा 11 दिसंबर 2023 और 26 फरवरी 2024 को दिए गए अलग-अलग प्रार्थना पत्रों की जांच हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक को सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने तथ्यों की गंभीरता से जांच किए बिना दोनों शिकायतों पर लगभग समान रिपोर्ट लगाकर काफी विलंब से 13 जुलाई 2024 को एक साथ भेज दी।जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईजी के निर्देश पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पाण्डेय और उपनिरीक्षक चन्द्रशंकर मिश्र को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों (दंड एवं अपील) नियमावली-1991 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।डीआईजी वैभव कृष्ण ने स्पष्ट किया है कि वाराणसी परिक्षेत्र के गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली जिलों में आमजन और व्यापारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा परिक्षेत्र स्तर पर जारी रहेगी।



