मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ड्यूटी के दौरान होमगार्ड की हत्या के मामले में आरोपी दीपक को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस वारदात को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी में मानते हुए आरोपी पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। हालांकि, मौत की सजा पर अंतिम फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद ही प्रभावी होगा।
यह मामला 4 जून 2020 का है। अभियोजन के अनुसार, होमगार्ड रतिराम ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्होंने आरोपी दीपक की मां को उसके हमले से बचाने का प्रयास किया। इससे गुस्साए दीपक ने रतिराम पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया। फैसले में अदालत ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड की हत्या कानून-व्यवस्था और राज्य की व्यवस्था पर सीधा हमला है, इसलिए यह मामला दुर्लभतम श्रेणी में आता है और इसमें मृत्युदंड उचित है।
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