मेरठ में छात्रा ललिता गौतम की हत्या के विरोध में कलेक्ट्रेट पर हुए धरना-प्रदर्शन को लेकर पुलिस जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि इस प्रदर्शन में बाहरी जिलों से लोगों को शस्त्र लाइसेंस बनवाने और राजनीतिक लाभ दिलाने का लालच देकर बुलाया गया था। जांच एजेंसियों को इस संबंध में ऑडियो इनपुट और अन्य साक्ष्य भी मिले हैं।एसएसपी के निर्देश पर पुलिस, एलआईयू और अन्य एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की जांच की। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पोस्ट का विश्लेषण करने के बाद अब तक 10 से 15 लोगों की पहचान की गई है। पुलिस के अनुसार, कुछ लोग सुनियोजित तरीके से भीड़ को भड़काने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि धरने में कथित तौर पर मिरिंडा गैंग से जुड़े कुछ सदस्य भी मौजूद थे। डिग्गी निवासी रितिक जाटव, अजय कुमार संतराम और सूरज गौतम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। पुलिस के अनुसार रितिक जाटव पर पहले से हत्या के प्रयास समेत कई मुकदमे दर्ज हैं और उसके मिरिंडा गैंग से संबंध होने की भी जांच की जा रही है। उसकी गैंग से जुड़े लोगों के साथ तस्वीरें भी सामने आई हैं।
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धरने के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। सपा नेता रविंद्र प्रेमी और विपिन मनोठिया ने घटना की जानकारी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी और वीडियो भी भेजे। वहीं दलित समाज के लोगों ने बैठक कर जिलाधिकारी से मुलाकात करने का फैसला किया। सपा नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज उचित नहीं था।पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर पिछले कई दिनों से विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा रहे थे। 19 जून को भी भाकियू बीआर अंबेडकर के पदाधिकारियों ने कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद पुलिस समय रहते स्थिति की गंभीरता का सही आकलन नहीं कर सकी।
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इस मामले में युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम का नाम भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं। वह नोएडा के सूरजपुर का रहने वाला है और उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी को पुलिस ने मौके से कब्जे में लेकर सीज कर दिया है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी और धरने के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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