उत्तर प्रदेश विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के लखनऊ के अलीगंज स्थित आवास पर बड़ी छापेमारी की। करीब 26 घंटे तक चली कार्रवाई में जांच टीम को घर के अंदर दीवार और अलमारी के पीछे छिपाई गई गुप्त तिजोरियां मिलीं। इन तिजोरियों में 13 किलो सोना, करीब 9 किलो चांदी और बड़ी मात्रा में हीरे-जवाहरात बरामद हुए। वहीं बेड बॉक्स और घर के अलग-अलग हिस्सों से 1.62 करोड़ रुपये नकद भी मिले। विजिलेंस के अनुसार अब तक लगभग 35 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति का पता चल चुका है।
जांच में दो कारें (इनोवा और आई-20), एक रिवॉल्वर, बैंक खातों, पोस्ट ऑफिस योजनाओं, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और नोएडा समेत कई स्थानों पर मकान, प्लॉट, कृषि भूमि और फ्लैट बुकिंग के दस्तावेज मिले हैं।
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ललित कुमार पर पहली बार 2020 में कानपुर में तैनाती के दौरान आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। जांच में उनकी वैध आय से लाखों रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने के प्रमाण मिलने के बाद जून 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में उन्हें एआरटीओ पद पर पदोन्नति मिली, लेकिन विजिलेंस जांच जारी रही।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार, आगरा में एआरटीओ प्रवर्तन और प्रशासन के दौरान भी उनकी कार्यशैली, कथित अवैध वसूली, दलालों को संरक्षण देने और मनमाने फैसलों को लेकर कई शिकायतें शासन तक पहुंची थीं। हालांकि उस समय उनके खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। विजिलेंस अब बरामद नकदी, सोना-चांदी, निवेश और संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली विजिलेंस टीम को पुरस्कृत करने की भी घोषणा की गई है।
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