राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल के चंदौली दौरे के दौरान दिए गए कथित बयान को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने राज्यपाल से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।अमिताभ ठाकुर ने राज्यपाल को भेजे अपने पत्र में आरोप लगाया है कि वायरल वीडियो में मंत्री रविन्द्र जायसवाल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही उन्होंने कथित रूप से "लुंगी-टोपी वालों के वोटबैंक के लिए..." जैसी टिप्पणी कर एक वर्ग विशेष की धार्मिक पहचान और पहनावे को लेकर भी बयान दिया है।
पत्र में अमिताभ ठाकुर ने कहा कि किसी मंत्री द्वारा राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना तथा किसी समुदाय की धार्मिक पहचान या पहनावे पर टिप्पणी करना संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं।
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उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया है कि वायरल वीडियो की सत्यता और उसके पूरे संदर्भ की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित मंत्री के खिलाफ कानून और संविधान के अनुरूप उचित कार्रवाई की जाए।
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फिलहाल इस पूरे मामले पर मंत्री रविन्द्र जायसवाल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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