बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में सामने आए कथित वित्तीय अनियमितता के मामले की जांच में एक और अहम तथ्य सामने आया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों ने उन वीवीआईपी मेहमानों के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए, जिन्होंने अपने ठहरने और अन्य सुविधाओं का खर्च स्वयं वहन किया था। इन फर्जी बिलों के माध्यम से भुगतान दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।
जांच के दौरान मिले दस्तावेजों में वास्तविक खर्च और प्रस्तुत किए गए बिलों के बीच अंतर पाया गया है। इसके बाद संबंधित रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अनियमितता में कितने लोग शामिल थे और कितनी राशि का गलत भुगतान किया गया।
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मामले में पहले ही एक कर्मचारी को निलंबित किया जा चुका है तथा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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