श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि की गिनती में कथित अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों में से छह वाराणसी स्थित सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी पाए गए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद निजी सुरक्षा एजेंसी की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
एजेंसी के डायरेक्टर गौरव सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी कंपनी का स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), अयोध्या से अनुबंध है और बैंक को 1 जनवरी 2026 को कुल 65 हाउसकीपिंग कर्मचारी उपलब्ध कराए गए थे। इनमें कुछ स्थानीय कर्मचारी भी शामिल थे, जिन्हें बैंक के अनुरोध पर अनुबंध प्रक्रिया में शामिल किया गया था।
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उन्होंने बताया कि बैंक द्वारा इन कर्मचारियों को विभिन्न शाखाओं और कार्यों में तैनात किया जाता है। इसी क्रम में कुछ कर्मियों को एसबीआई की घाट शाखा तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कार्यों में लगाया गया था। एजेंसी का मंदिर ट्रस्ट से कोई प्रत्यक्ष अनुबंध नहीं है।
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डायरेक्टर ने यह भी बताया कि घटना के बाद गठित एसआईटी ने लखनऊ कार्यालय से संपर्क कर कर्मचारियों की नियुक्ति और अनुबंध से जुड़े सभी दस्तावेज प्राप्त कर लिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी ‘सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज’ है, जबकि मंदिर परिसर में कार्यरत एसआईएस कंपनी का अलग अनुबंध है, जिससे उनकी एजेंसी का कोई संबंध नहीं है।फिलहाल मामले की जांच जारी है और बैंक तथा जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।
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