रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने उत्तर प्रदेश सरकार से पुनर्विचार करने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को ध्वस्त करना उचित नहीं है, क्योंकि इससे सबसे अधिक नुकसान छात्रों के भविष्य को होगा।
थरूर ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के निर्माण या संचालन से जुड़े किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद हैं, तो उनका समाधान न्यायिक प्रक्रिया और कानून के दायरे में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय केवल इमारतों का समूह नहीं होता, बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों और उनके भविष्य से जुड़ा होता है। इसलिए किसी भी फैसले से पहले उसके व्यापक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
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बता दें कि रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 38 इमारतों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित बताते हुए उनके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है।
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