अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई स्वर्ण जड़ित रामचरितमानस को लेकर उठे विवाद पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ट्रस्ट ने रामचरितमानस की तस्वीरें जारी करते हुए कहा कि यह पूरी तरह सुरक्षित है और मंदिर परिसर के सुरक्षित कोठार में संरक्षित रखी गई है।
ट्रस्ट के अनुसार, जब यह स्वर्ण रामचरितमानस दान में मिली थी, तब दानदाता की इच्छा के अनुरूप इसे कुछ समय के लिए गर्भगृह के निकट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखा गया था। बाद में सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर की प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए इसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि दानदाता चाहें तो कभी भी आकर इसे देख सकते हैं।
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दरअसल, यह मामला तब चर्चा में आया जब पूर्व केंद्रीय गृह सचिव और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस. लक्ष्मी नारायण ने आरोप लगाया कि अप्रैल 2024 में रामलला को भेंट की गई करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की स्वर्ण जड़ित रामचरितमानस मंदिर से गायब है। उनका कहना था कि कई बार जानकारी मांगने के बावजूद उन्हें इसका स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे उन्होंने इसके लापता होने की आशंका जताई थी।हालांकि, ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रामचरितमानस सुरक्षित है और इसके गायब होने की सभी खबरें भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं।
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