तमिलनाडु में सरकारी कॉलेजों के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। अभ्यर्थियों, शिक्षाविदों और विपक्षी दलों ने परिणामों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और परीक्षा परिणाम रद्द करने की मांग की है।दरअसल, राज्य के शिक्षक भर्ती बोर्ड (टीआरबी) ने अदालत के अंतरिम आदेश के बाद 188 सरकारी कॉलेजों में 2,708 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की थी। 48 विषयों की यह परीक्षा 27 दिसंबर 2025 को हुई थी, जबकि 25 जून 2026 को इसके परिणाम घोषित किए गए।

विवाद तब बढ़ा जब कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के बावजूद उन्हें वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) परीक्षा में शून्य या बेहद कम अंक दिए गए। इसे लेकर मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।इस मामले को लेकर कई राजनीतिक दलों और शिक्षाविदों ने राज्य सरकार से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई है तो परीक्षा परिणाम रद्द कर निष्पक्ष तरीके से दोबारा प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ न्याय हो सके।
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