सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में यादव समाज के करीब 2000 श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। लगभग पांच दशक पुरानी परंपरा के तहत यादव बंधु पारंपरिक वेशभूषा में नंगे पांव कांवड़ यात्रा निकालकर बाबा विश्वनाथ का अभिषेक करेंगे।यादव समाज के प्रमुख सुनील कुमार यादव उर्फ करिया विधायक ने बताया कि धार्मिक यात्रा सीर गोवर्धनपुर से प्रारंभ होगी। श्रद्धालु कंधों पर कलश लेकर अस्सी घाट पहुंचेंगे, जहां मां गंगा से जल भरने के बाद मुमुक्षु भवन और लंका मार्ग होते हुए बीएचयू स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे। यहां विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीएचयू प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर परिसर में तीन स्तर की बैरिकेडिंग व्यवस्था रहेगी, जिसमें महिलाओं, पुरुषों और विश्वविद्यालय के छात्रों एवं कर्मचारियों के लिए अलग-अलग प्रवेश की व्यवस्था की गई है।यादव समाज के कांवड़ यात्रा के मंदिर पहुंचने के दौरान जलाभिषेक को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कुछ समय के लिए अन्य श्रद्धालुओं का प्रवेश नियंत्रित किया जाएगा।जलाभिषेक के बाद बीएचयू विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित वासुदेव मंदिर में तैयार करीब 200 किलोग्राम प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह परंपरा पिछले 50 वर्षों से लगातार चली आ रही है और आस्था, संस्कृति एवं सामाजिक एकता का प्रतीक बनी हुई है। सावन के इस पावन अवसर पर काशी में हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और पूजन करेंगे।
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