गायत्री शक्तिपीठ में अधिवक्ता सम्मेलन, मौलिक कर्तव्यों पर हुआ मंथन

गायत्री परिवार जोन संगठन, वाराणसी की ओर से नगवां, लंका स्थित गायत्री शक्तिपीठ में वाराणसी जोन अधिवक्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में वाराणसी, मऊ, गोरखपुर और चित्रकूट उपजोन के अधिवक्ताओं ने सहभागिता कर भारतीय संविधान, नागरिक कर्तव्यों और समाज निर्माण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

सम्मेलन का मुख्य विषय ‘भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य एवं युग निर्माण सत्संकल्प’ रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली के वरिष्ठ अधिवक्ता जितेन्द्रv सिंह ने संविधान में नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विधि एवं न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका और राष्ट्र व समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों पर विचार रखे।वक्ताओं ने कहा कि संविधान नागरिकों को अधिकार प्रदान करने के साथ उनके कर्तव्यों का भी बोध कराता है। देश की एकता और अखंडता की रक्षा, संविधान एवं राष्ट्रीय आदर्शों का सम्मान, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी जैसे विषयों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में अधिवक्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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सम्मेलन में ‘युग निर्माण सत्संकल्प’ के माध्यम से नैतिक मूल्यों, सकारात्मक सोच, अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। अधिवक्ताओं ने सामाजिक सरोकारों और वर्तमान समय की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।आयोजकों ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य अधिवक्ता वर्ग को न्याय एवं जनसेवा के साथ राष्ट्र निर्माण के व्यापक उद्देश्यों से जोड़ना है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने संविधान के प्रति जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने का संकल्प लिया।

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