रोहनिया थाना क्षेत्र के मुड़ादेव गांव में आराजी संख्या 344 पर चकमार्ग निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद संबंधित भूमि पर चकमार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं प्रशासन का कहना है कि चकमार्ग की विधिवत पैमाइश पूरी हो चुकी है और सार्वजनिक हित में शासन के निर्देशों के अनुरूप निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
संबंधित नायब तहसीलदार के अनुसार चकमार्ग की पैमाइश पहले ही पूरी की जा चुकी है और निर्माण कार्य नियमानुसार किया जा रहा है। प्रशासन ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है।
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वहीं पीड़ित शिवकुमार राजभर का आरोप है कि शनिवार सुबह से भूमि पर तेजी से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उनका दावा है कि मौके पर कानूनगो और लेखपाल भी मौजूद थे। पीड़ित के मुताबिक, न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने के संबंध में अधिकारियों से लिखित आदेश मांगा गया, लेकिन कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया।
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शिवकुमार राजभर ने चेतावनी दी है कि यदि न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा तो वह संबंधित कानूनगो, लेखपाल और ग्राम प्रधान के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई के लिए सक्षम न्यायालय का रुख करेंगे। फिलहाल मामले में प्रशासन और पीड़ित पक्ष के दावों में विरोधाभास है। विवाद का अंतिम निस्तारण न्यायालय और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
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