देहरादून। रिस्पना नदी के बाढ़ क्षेत्र में बने मकानों को हटाने की तैयारी प्रशासन ने तेज कर दी है। नगर निगम ने 324 चिन्हित मकानों के परिवारों को अंतिम चेतावनी देते हुए जल्द घर खाली कर पुनर्वासित आवासों में जाने के निर्देश दिए हैं। मानसून समाप्त होने के बाद इन मकानों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन के मुताबिक सिंचाई विभाग की ओर से किए गए सीमांकन में इन मकानों को बाढ़ क्षेत्र के अंतर्गत पाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए एमडीडीए के किफायती आवासीय फ्लैटों में पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। कई परिवारों को आवास आवंटित होने के बावजूद अभी तक उन्होंने नए घरों में शिफ्ट नहीं किया है। ऐसे परिवारों को अब अंतिम अवसर दिया गया है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मकानों को नियमानुसार हटाया जाएगा। बाढ़ क्षेत्र में आने वाले सरकारी निर्माण भी इस अभियान से बाहर नहीं होंगे। अब तक स्कूल, पंचायत भवन और ट्यूबवेल समेत तीन सरकारी ढांचों को हटाया जा चुका है।अधिकारियों का कहना है कि नए सर्वे के दौरान यदि बाढ़ क्षेत्र में अतिरिक्त मकान पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।वहीं, देहरादून में बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। डीएल रोड, राजपुर रोड और ओल्ड सर्वे रोड सहित कई जगहों पर पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम ने स्थिति पर नजर रखने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों को अलर्ट कर दिया है।
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