ज्ञानवापी में जलाभिषेक करने जा रहे शिव सैनिकों को पुलिस ने रोका, नारेबाजी के बाद प्रशासन को सौंपा पत्र

सावन के अंतिम सोमवार को ज्ञानवापी परिसर में आदिविशेश्वर नाथ का जलाभिषेक करने जा रहे शिव सैनिकों को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज शिव सैनिकों ने मौके पर जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। बाद में कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन को पत्र सौंपकर ज्ञानवापी में जलाभिषेक और पूजन की अनुमति देने की मांग की।

कार्यक्रम का नेतृत्व शिवसेना के राज्य उप प्रमुख एवं मंडल प्रभारी अजय चौबे ने किया। इस दौरान जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों शिव सैनिकों के साथ भवानी सेना की महिलाएं भी मौजूद रहीं। शिव सैनिकों का कहना था कि हर वर्ष की तरह इस बार भी सावन के अंतिम सोमवार को वे आदिविशेश्वर नाथ का जलाभिषेक, काशी विश्वनाथ और माता गौरी का श्रृंगार, आरती एवं पूजन करने के लिए पहुंचे थे।

कार्यकर्ताओं के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने ज्ञानवापी की ओर आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और शिव सैनिकों के बीच बातचीत भी हुई। शिव सैनिकों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद या टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजन और जलाभिषेक करना है।

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं नारेबाजी की। इसके बाद जिला प्रशासन को सौंपे पत्र में शिव सैनिकों ने कहा कि उन्होंने सावन माह में ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर रोक लगाने की मांग प्रशासन से की थी, लेकिन उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई। शिव सैनिकों ने इसी आधार पर अंतिम सोमवार को आदिविशेश्वर नाथ का जलाभिषेक और पूजन करने की अनुमति देने की मांग प्रशासन से की।



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