लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की घटनाओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 20 दिनों के दौरान एक्सप्रेसवे के आठ स्थानों पर सड़क धंसने के मामले सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने विस्तृत तकनीकी जांच कराने का फैसला किया है। इसके तहत सड़क की सतह और अंदरूनी संरचना का परीक्षण लेजर स्कैनिंग तकनीक से किया जाएगा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए परियोजना निदेशक को उनके पद से हटा दिया गया है। साथ ही निर्माण एजेंसी के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे की सभी खामियों को दूर करने के बाद ही टोल वसूली शुरू की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
![]() |
| Advertisement |
![]() |
| Advertisement |
![]() |
| Advertisement |
Tags
Trending



