संकठा नगर स्थित सौभाग्य अस्पताल में प्रसव के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित पति ओम प्रकाश सिंह के मुताबिक, उनकी पत्नी का करीब आठ महीने तक अस्पताल में इलाज चला। 18 अगस्त को ऑपरेशन से प्रसव कराया गया और 20 अगस्त को छुट्टी दे दी गई।
पति का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद महिला को उल्टी समेत कई परेशानियां होने लगीं और हालत लगातार बिगड़ती गई। इसके बाद परिजन उन्हें साईं वरदान अस्पताल ले गए, जहां से बाद में हेरिटेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन के बाद डॉक्टरों ने पेट में गंभीर संक्रमण की बात बताई। परिजनों का दावा है कि जांच में पूर्व ऑपरेशन के दौरान पेट में फॉरेन बॉडी छूटने की जानकारी सामने आई।
पति के अनुसार, महिला का दोबारा ऑपरेशन कर संबंधित वस्तु बाहर निकाली गई और इलाज के दौरान पांच यूनिट खून चढ़ाना पड़ा। प्रसव के महज कुछ दिनों बाद दोबारा ऑपरेशन और गंभीर उपचार से गुजरने के बाद भी महिला की हालत पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।
मामले को लेकर ओम प्रकाश सिंह ने थाना लालपुर-पांडेयपुर में प्रार्थना पत्र देकर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, फिलहाल आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से लगाए गए हैं। अस्पताल और संबंधित चिकित्सकों का पक्ष तथा जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


