वाराणसी के शास्त्री घाट पर सवर्ण समाज का धरना 18वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी यूजीसी के नियमों को वापस लेने और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से छात्रों के बीच भेदभाव की स्थिति बन रही है। आंदोलनकारियों ने 20 सितंबर को शास्त्री घाट पर बड़े शक्ति प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिसमें अलग-अलग राज्यों और जिलों से लोगों के पहुंचने का दावा किया गया है।
आंदोलनकारी बृजेश मिश्रा के मुताबिक, धरना 29 अगस्त से लगातार चल रहा है और इसमें शामिल लोगों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को ब्राह्मण समाज के संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश पांडे समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल होंगे। आंदोलनकारियों का दावा है कि काशी विद्यापीठ, हरिश्चंद्र कॉलेज और बीएचयू समेत कई शिक्षण संस्थानों के छात्र भी धरने के समर्थन में पहुंच रहे हैं। वहीं, आंदोलन से जुड़े लोगों ने आरक्षण में आर्थिक आधार को शामिल करने की मांग भी उठाई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से बातचीत की पहल नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 20 सितंबर के कार्यक्रम में आगे की रणनीति और बड़े ऐलान किए जाएंगे। आंदोलन से जुड़े गौतम मिश्रा ने दावा किया कि कई राज्यों के साथ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और गुजरात जैसे शहरों से भी लोग समर्थन में वाराणसी पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर न्यायालय का रुख भी कर रहे हैं और धरने को जारी रखने की बात कही है।


